तुर्की की जमीन एक बार फिर कांप उठी है। तुर्की में भूकंप आया है और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गई है। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर यानी EMSC के मुताबिक, गुरुवार को पूर्वी तुर्की में भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 5.1 थी। EMSC ने बताया कि भूकंप के केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।
दक्षिण-पूर्वी तुर्की में महसूस किए गए झटके
जानकारी के मुताबिक, यह भूकंप गुरुवार को साउथ-ईस्ट तुर्की के शहरों में आया। गनीमत है कि अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी को चोट की खबर नहीं आई है। तुर्की की AFAD डिजास्टर एजेंसी ने कहा कि भूकंप सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर आया था। भूकंप का केंद्र सानलिउर्फा शहर के ठीक नॉर्थ में था। फिलहाल किसी बुरे प्रभाव की खबर नहीं है। भूकंप प्रभावित क्षेत्र सानलिउर्फा प्रांत के लोगों का कहना है कि भूकंप उन्होंने तेजी से महसूस किया।
फरवरी, 2023 में भी तुर्की में आया था बड़ा भूकंप
अमेरिका की सरकारी एजेंसी NCEI Hazard Earthquake Information-NOAA के मुताबिक, इससे पहले 6 फरवरी 2023 को साउथ तुर्की में, सीरिया के नॉर्थ बॉर्डर के पास 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप के 11 मिनट बाद एक और झटका लगा था, जिसकी तीव्रता 6.7 थी। तुर्की का वह 7.8 तीव्रता का भूकंप कम गहराई पर 'स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग' की वजह से आया था।
2023 के भूकंप ने ले ली थी 50 हजार से ज्यादा लोगों की जान
इस भूकंप में 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 103.6 बिलियन अमेरिका डॉलर का नुकसान हुआ था। यह भारतीय रुपये में करीब 994.4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा होता है। गौरतलब है कि तुर्की के जिस इलाके में 6 फरवरी 2023 को भूकंप आया था, वह भूकंप के लिहाज से एक्टिव है।
भूकंप कैसे आता है?
भूकंप आने की मुख्य वजह धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल होती है। हमारी धरती की सबसे ऊपरी परत, जिसे Crust कहते हैं, वह कोई एक अखंड टुकड़ा नहीं है। धरती की ऊपरी परत बड़ी और छोटी-छोटी चट्टानी प्लेटों से मिलकर बनी हुई है। ये प्लेटें धरती के अंदर मौजूद गर्म Mantle के ऊपर बहुत ही धीमी रफ्तार से हमेशा घूमती रहती हैं। इनमें हलचल से ही भूकंप आता है।
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